अब कोई सुकून, कोई सहूलियत नहीं
बस, मेरे हिस्से की सारी दुश्वारियां दे दो
अब कोई ग़ुल, कोई पत्ता, कोई बूटा नहीं
बस, मेरे हिस्से की सारी नागफनियाँ दे दो
अब कोई खुदा, कोई विसाल-ए-सनम नहीं
बस, सब-ए-फुरकत की सारी तनहाइयाँ दे दो
अब दिल भर गया है, टुकड़ा-टुकड़ा ज़िन्दगी से
बस, मेरे हिस्से की सारी नाकामियां दे दो
अब कोई नजाकत, कोई उल्फत नहीं
बस, मेरे हिस्से का सारा ग़म
सारी पशेमानियाँ दे दो...........................!!!
बस, मेरे हिस्से की सारी दुश्वारियां दे दो
अब कोई ग़ुल, कोई पत्ता, कोई बूटा नहीं
बस, मेरे हिस्से की सारी नागफनियाँ दे दो
अब कोई खुदा, कोई विसाल-ए-सनम नहीं
बस, सब-ए-फुरकत की सारी तनहाइयाँ दे दो
अब दिल भर गया है, टुकड़ा-टुकड़ा ज़िन्दगी से
बस, मेरे हिस्से की सारी नाकामियां दे दो
अब कोई नजाकत, कोई उल्फत नहीं
बस, मेरे हिस्से का सारा ग़म
सारी पशेमानियाँ दे दो...........................!!!

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