तुम्हारे सैलाब से
उसके दिल में मेरे लिए
प्यार की जो नदी सूख गई थी
वो तनिक गीली भी न हो सकी
उसके दिल में मेंरी चाहतों के
दरख़्त जो सूख गए थे
उनमें एक भी हरी पत्ती
न आ सकी
और तो और,
उसकी याद में मैने
गमले में जो ऑर्किड का
बोनसाई लगाया था न
सूख गया वो भी
तुम्हारे खारेपन से।
आंसुओ! बहने से बेहतर है
अब सूखकर जम जाओ
संभव है, भावनाओं की ज़मीन
तुम्हारा नमक पाकर
किसी नए अंकुर को जन्म दे
और शायद, तुम्हारा बहना
अंततः किसी काम आ सके।
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