इस त्रासद और घुटन भरे समय में भी
सपने देखना बंद मत करना
देखना, कि एकदिन ख़त्म हो जाएंगी
"सोशल डिस्टेंसिंग" की पाबंदियां
तुम्हारी राजकुमारी आएगी
अपने राजकुमार से मिलने
और, तीन फुट दूर से महज़ "नमस्ते"
कहने की जगह
तुम गले लगा सकोगे उसको
बेहिचक सपने देखना कि
सब ठीक हो जाएगा एकदिन
सपने देखने के लिए
नींद आने का इंतज़ार मत करना
खुली आँखों से देखना सपने
तय है कि गुज़र जाएगा ये त्रासद समय
लेकिन अपने पीछे छोड़ जाएगा
एक उदास-हताश व्यक्तित्व
तो वही सपने, जो तुमने देखे थे
घोर आपदा और संत्रास के समय
तुम्हारे शरीर में एक नवीन
ऊर्जा का संचार करेंगे
हाथों-पैरों में तरंग पैदा करेंगे
तुम्हारी आत्मा को पुनर्नवा करेंगे
इसीलिए कहता हूं
इस त्रासद और घुटन भरे समय में भी
सपने देखना बंद मत करना
देखते रहना सपने
बंद और खुली आँखों से।
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