ज़माने की रफ़्तार में कहीं
पीछे छूट गया मैं
विकास का पहिया
बहुत द्रुत गति से घुमा
और मैं उसके गर्द-ओ-ग़ुबार में
खो सा गया
मेरे घर का तीन-चौथाई हिस्सा
आज भी मिट्टी, खपरैल और
फूस की छप्पर से बना है
हाँ मगर, इस खपरैल की छत
और फूस की छप्पर में आज भी
गौरैया अपना घोसला बनाती है
कदाचित् ये गौरैया भी विकास की
दौड़ में कहीं पीछे छूट गयी है
मेरी तरह
लेकिन मुझे तो एक साथी मिल गया है
इस पिछड़ी हुई गौरैया के रूप में।
पीछे छूट गया मैं
विकास का पहिया
बहुत द्रुत गति से घुमा
और मैं उसके गर्द-ओ-ग़ुबार में
खो सा गया
मेरे घर का तीन-चौथाई हिस्सा
आज भी मिट्टी, खपरैल और
फूस की छप्पर से बना है
हाँ मगर, इस खपरैल की छत
और फूस की छप्पर में आज भी
गौरैया अपना घोसला बनाती है
कदाचित् ये गौरैया भी विकास की
दौड़ में कहीं पीछे छूट गयी है
मेरी तरह
लेकिन मुझे तो एक साथी मिल गया है
इस पिछड़ी हुई गौरैया के रूप में।